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शेयर कब खरीदना चाहिए और कब बेचना चाहिए?

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शेयर कब खरीदना चाहिए और कब बेचना चाहिए? यह नये निवेशक के जरिए पूछे जाने वाले सबसे आम सवालों में से एक है.

शेयर मार्केट आपके पैसे का निवेश करने और अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने का एक शानदार तरीका है. शेयर बाजार कई अनिश्चितताओं और उच्च जोखिमो से भरा हुआ है.

Share Market मे निवेश कब करना है, हमें शेअर कब खरीदने है, कब बेचने है, बाजार मे निवेश करने का सही समय क्या है, कब हमे उस निवेश से बाहर निकलना है यह सवाल हमेशा से निवेशकों के मन मे रहते है.

अगर आप किसी भी बड़े इंवेस्टर से मिलोगे और उनसे पूछोगे की उन्होंने share market में सबसे बडी गलती क्या करी है? तो वे आपको ऐसे बहुत से कारण बताएगें जिनकी वजह से उन्होंने share market में बहुत से गलत निर्णय लिए थे जिस वजह से उन्हे कुछ loss हुआ.

अगर तब वे कोई particular स्टॉक को नही बेचते तो शायद आज वे और ज्यादा पैसे कमा सकते थे. नये निवेशकों को कब किसी शेयर को खरीदना है और कब बेचना है यह उन्हें पता नहीं होता.

जब मैने शेअर बाजार मे पहली बार निवेश किया तब मुझे किस कंपनी के शेअर मे निवेश करना चाहिए और उस कंपनी के शेअर को कब खरीदने चाहिए यह सवाल हमेशा से आता था.

और बहुत से Stock Market विडिओस, ब्लॉग्स, अर्टिकल, और बहुत से इंटरव्यूज़ देखने के बाद मुझे कुछ Lesson सीखने को मिले जो आज मै इस आर्टिकल के माध्यम से आपके साथ शेअर कर रहा हुँ.

इस पोस्ट में शेयर कब खरीदे और कब बेचे इस बारे मे विस्तार से जानकारी दी गई है.


Table of Contents

शेयर कब खरीदना चाहिए?

Share market बहुत बार लोगों के भावनाओं से चलता है. जब कभी share market मे गिरावट आती है तब सभी लोग डर मे अपने share बेचना चालू कर देते है और जब कभी एक शेअर उपर जा रहा होता है तब दूसरे की देखा-देखी मे उस शेअर मे बिना सोचे समझे निवेश करना शुरू करते है की जो यह बहुत गलत बात है.

शेअर खरीदने के लिए आपको सबसे पहले कंपनी के बारे मे जानकारी हासिल करनी है. जिस share मे आप निवेश करना चाहते है उसके बारे मे पहले थोडी बहुत रिसर्च कर लेनी चाहिए.

शेयर खरीदने के लिए नीचे दिये गये पॉइंट को आप फॉलो कर सकते हो;

• मार्केट क्रैश मे शेअर को खरीदे
• इंडस्ट्री ग्रोथ देख कर शेअर को खरीदे
• कम Intrinsic Value वाले शेअर को खरीदे
• IPO के समय शेअर को खरीदे


मार्केट क्रैश मे शेअर को खरीदे

शेयर बाजार में गिरावट यह किसी भी निवेशक के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि शेयर बाजार में पैसा खोना बहुत ही दुखदायक घटना हो सकती है। हालांकि, जब शेयर बाजार दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है, तो शेयर खरीदने का यह सबसे अच्छा समय होता है।

जब कोई शेयर मार्केट क्रैश होता है, तो यह आमतौर पर अर्थव्यवस्था के नीचे जाने का संकेत होता है। चाहे वह मंदी हो या पूर्ण विकसित अवसाद के बाद शेयर बाजार हमेशा पहली हिट लेता है।

अगर बाजार में किसी भी तरह का ओवरवैल्यूएशन या मार्केट बबल होगा तो शेयर बाजार भी दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप बहुत सारे लोगों को अपना बहुत सारा पैसा गंवाना पड़ सकता है।

लेकिन अगर शेयर मार्केट क्रैश हो जाए तो निवेशक खुद को बचाने के लिए क्या कर सकते हैं? इसका सीधा सा जवाब है कि वे शेयर खरीदना शुरू कर सकते हैं।

स्टॉक मार्केट क्रैश निवेश शुरू करने का एक अच्छा अवसर हो सकता है, भले ही आपको शेयर बाजार का पहले से कोई पूर्व ज्ञान या जानकारी न हो। यदि मार्केट क्रैश हो जाता है, यह तो शेयरों के बारे में सीखना शुरू करने और निवेश करने का यह एक अच्छा समय है।

क्योकि हर बीयर मार्केट के बाद बाजार मे एक Bull Run जरूर आता है. एक नई रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 100 वर्षों में, शेयर बाजार में गिरावट के बाद तीन वर्षों में शेयरों में सालाना औसतन 13% की वृद्धि हुई है.

अगर मार्केट नीचे आया हो तो आपको शेअर बहुत कम किमत पर मिलते है. Market Crash को मार्केट की Sell भी कह सकते है क्योकि आपको शेअर बहुत कम किमत पर मिल रहे है जिससे आप कम किमत पर ज्यादा share खरीद सकते है.


इंडस्ट्री ग्रोथ देख कर शेअर को खरीदे

Share market मे अलग अलग Industry के कंपनी है जैसे Health Sector, Manufacturing Sector, Telecom Sector. अगर आपको लगे की उस Industry और Sector की Future मे ग्रोथ है तो आपको उस कंपनी के शेअर को खरीदना चाहिए.

जैसे की आज से कुछ साल पहले लोगो को लगता था की Cable TV का अच्छा फ्यूचर होगा लेकिन तभी Netflix और अन्य OTT Platform ने मार्केट मे जगह बनाई.

सभी OTT पर ही Movies देखना पसंद करते है. इस तरह से TV Cable Connection का पुरा भविष्य तबाह हो गया.

किस Industry मे Future Growth मुमकिन है? यह पता करने के लिए आप खुद को सवाल पूछ सकते है की क्या आज से दस साल बाद भी उस कंपनी के प्रोडक्ट लोग खरीदेंगे या नही.

जैसे आज से दस साल बाद भी लोग मोबाईल फोन का इस्तेमाल कर रहे होंगे तो आपको आज मोबाईल फोन से जुड़े सेक्टर मे निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है.


कम Intrinsic Value वाले शेअर को खरीदे

Intrinsic Value का मतलब किसी भी संपति का असल मूल्य क्या है यह बताने का काम करता है. Share market मे किसी शेयर का मूल्य अपने किमत से अधिक है या कम है इसका अंदाज लगाने के लिए निवेशक Intrinsic Value का उपयोग करते है.

निवेशक share की Intrinsic Value से उस शेअर को किस price मे खरीदना है यह निवेश निर्णय लेने के लिए मदद करता है.

शेयर के कम Intrinsic Value का मतलब वह शेयर आपको उसकी रियल Value से कम पर मिल रहा है ऐसे Share को Undervalued share कहा जाता है.


IPO के समय शेअर को खरीदे

जब पहली बार कंपनी खुद को stocks exchange पर लिस्ट करती है और सामान्य लोगों को primary market मे अपने कंपनी के शेयर बेचती है उसे IPO कहते है.

IPO के बाद जब Secondary Market मे शेयर की खरीदी और बिक्री होती है तब इसमें बहुत ज्यादा चांसेस होते है की आपके किये गए निवेश पर अच्छे Return प्राप्त हो.

कुछ ऐसे भी कंपनियां होती है जो IPO के बाद आपको अच्छे return ना दे पाये इसके लिये आपको जो कंपनी IPO लाने वाली हो उसके अच्छे से रिसर्च कर ले.

IPO से लाभ प्राप्त करने के IPO किमत पर शेयर को खरीदें और उस शेअर को थोड़े समय के बाद अधिक कीमत पर बेचें।


शेयर कब खरीदना नहीं चाहिए

शेअर को किस समय हमे नही खरीदना चाहिए इसे जानने के लिए नीचे दिये हुए पॉइंट को जान ले.

भेड़ चाल में ना खरीदे

भेड चाल का सीधा सा अर्थ है जब मार्केट मे सभी लोग एक दूसरे की नकल करने लगते है जैसे की यदि कोई निवेशक अपने स्टॉक्स को खरीद/बेच रहा है तो उसे देख कर अपने भी स्टॉक्स को खरीद/बेच करना.

यदि कोई निवेशक किसी एक ही कंपनी बढते हुए स्टॉक्स मे पैसे निवेश कर रहे है तो उसे देख कर मार्केट के अन्य निवेशक भी उसी कंपनी के शेअर खरेदी करे तो उसे ही भेड चाल कहते है.


बुलिश मार्केट में ना ख़रीदे

जब शेअर मार्केट मे सभी शेअरो की किमत बहुत बढ जाती, सभी लोग शेअरो को खरीदना चाहते है तब उसे बुल मार्केट कहते है.

बुलिश मार्केट मे सभी शेअरो की किमत पहले से ही बहुत बढ चुकी होती है और कुछ समय मे बजार अपने सामान्य स्थर पर आने के बाद किया गया निवेश मे नुकसान होने के ज्यादा संभावनाए होती है. इसीलिये बुलिश मार्केट मे हमे शेअर की खरीदी नही करनी चाहिए.


शेयर खरीदने से पहले क्या क्या देखना चाहिए?

Share खरीदने से पहले आप नीचे दिये गए पॉइंट की एक बार समीक्षा कर सकते है

• कंपनी के Assets और Debt को चेक करे
• कंपनी ग्रोथ कर रही है या नही यह जांचे
• कंपनी का मैनेजमेंट कैसा है यह देखे
• कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझे
• कंपनी का अच्छी तरह से Analysis करे


अच्छे शेयरों की पहचान कैसे करें?

अच्छे शेयर चुनने के लिए नीचे दिये गए पॉइंट को जरूर ध्यान मे रखे

• जिस व्यवसाय को आप समझ सकते है उसी कंपनी मे निवेश करे
• कंपनी की बैलेंस शीट देखे
• EPS ratio चेक करे
• कम कर्जवाले कंपनी को चुने
• P/E ratio चेक करे


शेअर कब बेचना चाहिए?

Share कब बेचना है यह जानने के लिए निम्नलिखित पॉइंट्स दिये गए है

• कंपनी के Fundamental बिगड़ने के बाद
• इंडस्ट्री मे होनेवाले बडे बदलाव के कारण शेअर को बेचे
• कंपनी खरीदने का उद्देश्य पुरा होने के बाद शेयर को बेचे
• आपको पैसे की जरूरत होने पर शेअर को बेचे
• बेहतर निवेश विकल्प मिलने के बाद शेयर को बेचे


कंपनी के Fundamental बिगड़ने के बाद

जब आपने कंपनी के शेअर खरीदे तब कंपनी बहुत अच्छी थी, उसके फंडामेंटल अच्छे थे, उसके cash flow अच्छे थे, कंपनीपर कोई भी कर्ज नहीं था लेकिन अब कंपनी के फंडामेंटल खराब हो गए हो, कंपनी पर खर्चा बढ गया हो, प्रोमोटर ने अपनी Share Holding कम करदी हो और ऐसे अन्य कारण जिससे कंपनी की बैलेंस शीट खराब हो रही हो तो इस situation मे आपको कंपनी के share बेच देने चाहिए.


इंडस्ट्री मे होनेवाले बडे बदलाव के कारण शेअर को बेचे

इंडस्ट्री मे बहुत बड़े पैमाने मे आनेवाले बदलाव के कारण शेअर को बेचा जा सकता. जिस शेअर मे आपने निवेश किया था उस इंडस्ट्री मे काफी बडी मात्रा मे बदलाव शुरू हो गए हो जैसे की Business Model बदलना, पैसे कमाने के तरीके बदलना तो उस शेअर को बेच देना चाहिए.

आज से दस साल पहले लोगों को DTH इंडस्ट्री बहुत पसंद थी, Cable का Digitalization होना. इसके लिए सरकार ने भी बहुत बडे पैमाने पर DTH को प्रोमोट किया और तभी एकदम से Netflix और अन्य OTT प्लेटफॉर्म मार्केट मे आये. इन OTT Platform की वजह से DTH Cable TV कंपनीओ की ग्रोथ एकदम से रुक गई.

तो अगर आपने ऐसा कुछ सोचा था की इस कंपनी मे दस साल की ग्रोथ है लेकिन नया Revelution, नया Invetion आ जाता है जो उस Industry को पुरी तरह से बदल कर रख देता है तब भले ही उस कंपनी का Past/Present कितना ही अच्छा हो लेकिन उसका Future बेहतर नही है तो आपको उस कंपनी के शेअर को बेच देना चाहिए.


कंपनी खरीदने का उद्देश्य पुरा होने के बाद शेयर को बेचे

कंपनी मे निवेश करने से पहले आप उस कंपनी मे क्यु निवेश करना चाहते है यह जान ले और फिर शेअर मे निवेश करे.

यदि किसी कंपनी के शेअर आप इसलिए खरीद रहे है क्योंकि उस कंपनी का मैनेजमेंट बहुत अच्छा है पर किसी कारण से उस कंपनी के मैनेजमेंट को बदला गया हो तो ऐसी परिस्थिति मे आप उस Share को बेच सकते हो.


आपको पैसे की जरूरत होने पर शेअर को बेचे

कई बार ऐसे होता है की, जो स्टॉक मै बोलूंगा की आप (person A) इसमे invested रहिये लेकिन उस वक़्त peron B को मै कह सकता हूँ की आप उस stock को बेच कर अपने पैसे निकाल लीजिये.

क्योंकि शेअर कब बेचना है यह कई बार इस पर depend करता है की आपकी financial status क्या है.

जैसे कुछ stock मुझे पता है जो 10 साल मे बेहतर performance करेंगे लेकिन उन स्टॉक के अगले 1-2 साल उतने अच्छे नही रहेंगे तो जिन लोगों को 1-2 साल में ही पैसों की जरूरत है तो उन व्यक्तियों को उस स्टॉक को बेचकर बाहर निकल जाना चाहिए.

या फिर व्यक्ति उस स्टॉक मे 10 साल इंवेस्टेड रह सकता है तो उसे इंवेस्टेड रहना चाहिए. जो स्टॉक आपके पास है आप उन stock मे कितने लम्बे समय तक इंवेस्टेड रह सकते है, आपके financial स्थिति कैसी है, यह हमेशा चेक करना चाहिए.


बेहतर निवेश विकल्प मिलने के बाद शेयर को बेचे

हम सबके पास पैसा लिमिटेड है. आप दुनिया के कितने ही अमीर लोगों से पूछोगे तो वे भी आपको उनके पास Capital limited है कहेंगे.

अगर आपको पहले Idea नही था और आपने किसी xyz कंपनी मे अपना पैसा निवेश किया, उस xyz कंपनी के share आपने खरीद रखे है लेकिन अब आपको इंवेस्ट करने के लिए बहुत अच्छी कंपनी मिल जाती है.

आपको पता है की यह नई कंपनी आपके इंवेस्ट किये हुए पुराने xyz कंपनी से अच्छे return दे सकती है तो इस situation मे आपको अपने पुराने xyz कंपनी के share बेचकर नई कंपनी मे लगा सकते है.


शेअर कब ना बेचे?

शेअर को हमेशा ट्रैक करना

कई बार लोग कंपनी तो अच्छी ले लेते है लेकिन 2 महीने 3 महीने शेअर रखने के बावजूद शेयर की price ना बढ़ने Ke कारण इंवेस्टर शेयर को बेच देते है.

Share बाजार मे कोई भी शेयर किसी भी फिक्स पैटर्न मे नही बढता. आप history मे ऐसे कई share देख सकते है जो कुछ महीने-साल तक नही बढ़ते लेकिन किसी वक़्त 10% बढ जाते है और कुछ दिन या महीने नही बढ़ते aur बाद मे 50% बढ जाते है.

इस तरह से शेअर की किमत बढ़ती है. yadi koi शेअर एक साल मे डबल-ट्रिपल हो रहा है तो इसका मतलब यह नही की वह शेअर हर महीने मे कुछ प्रतिशत बढ रहा हो.

यह साल मे मे 10-15 दिन बढ़ता है और बाकी के दिन वह वैसे पड़ा ही पड़ा रहता है किसी शेयर को इस वजह से बेच देना की वह बढ नही रहा तो यह निर्णय लेना बहुत ही गलत है.


धैर्य रखें

शेयर की किमत बढ गई है इसलिए उसे बेच दे यह बिल्कुल भी सही नही है अगर आपको एक महान निवेशक बनना है, आपको share market से बहुत संपत्ति कमानी है तो आपको 10x 20x 100x होने वाले stock का चुनाव करना होगा.

कोई भी स्टॉक 10x 20x 100x तभी हो सकता है जब आप किसी भी शेअर को दुगना (2x) या तीन गुना (3x) होने पर नही बेचेंगे.

अगर आपने किसी कंपनी के स्टॉक मे निवेश किया हो तो आपको उसे कंपनी मे विश्वास दिखाना होगा उस स्टॉक की किमत बढने तक patience दिखाना होगा.


बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयर नहीं रखना

मानलो की आपने 10 share खरीदे. अब ऐसा तो कभी होगा नहीं की वे सभी 10 share बढ़ेगे. कुछ शेअर आपको अच्छे return देगे तो कुछ share आपको कम मुनाफा करके देंगे.

अक्सर हम ऐसा करते है कि जिन शेअरो ने हमे बहुत अच्छे return दिये हुए है उनको हम बेच देते है और जिन शेअरो ने हमे मन मुताबिक return नही दिये होते उन्हे हम नही बेचते.

यह तो वही बात हुई की जिस आम के पेड़ ने आपको आम दिये उसे आपने बेच दिया और जिस आम के पेड ने अबतक आम नही दिये उसे अपने पास रखे हुए है.

ऐसे निर्णय लेकर शेअर बेच देना बिल्कुल भी सही निर्णय नही होता.


Timing The Market

निवेशकों द्वारा की जानेवाली सामान्य गलती मे से यह की मार्केट को Time करने की कोशिश. कभी कभार निवेशकों का यह मानना होता है कि आज मै इस शेअर को बेच दूंगा क्योंकि इस शेअर का Price बहुत बढ गया है. और जब उस शेअर का दाम कम हो जायेगा तब हम खरीद लेंगे.

मार्केट मे कौनसा शेअर का दाम बढ़ेगा और कौनसा शेअर नहीं बढ़ेगा यह बता पाना बहुत ही मुश्किल होता है.

किसी शेअर को बेच देना और बाद मे शेअर के दाम घटने के बाद उसी शेअर को खरीदने की सोचना यह मानसिकता बुरी है. कई बार जो कंपनी अच्छी होती है उस कंपनी के शेअर की किमत बढ़ती रहती.

अगर कभी आपने शेअर इसलिए बेच दिया की उस शेअर की किमत ₹100 हो गई और बाद मे खरीद लूंगा जब इसकी किमत घट के ₹80 पे आ नहीं जाती.

जो कंपनी अच्छा perform कर रही होती है कभी कभी उस कंपनी के शेअर ₹50 से बढ़-बढ़कर ₹500 तक जाता है.


Conclusion : शेयर कब खरीदना चाहिए और कब बेचना चाहिए?

Share Market पुरी तरह से अनिश्चित्ताओं से भरा हुआ है. आमतौर पर निवेशकों को शेयर कब खरीदना है यह पता होता है लेकिन शेयर को कब बेचे यह नहीं पता होता. किसी भी कंपनी के share को खरीदने से पहले आपको उसे पुरी तरह से Analysis करना चाहिए.

जिस कंपनी के share आप खरीदने वाले हो उस शेयर का Intrinsic Value और उस कंपनी के इंडस्ट्रीज की ग्रोथ को एक बार जरूर देखना चाहिए.

स्टॉक मार्केट क्रैश मे आपको बहुत से share कम किमत पर मिलते है, यह शेयर खरीदने के लिए सही समय हो सकता है.

कई बार हम share खरीद कर बहुत प्रॉफिट मे बैठे रहते है लेकिन हमे यही नही पता होता की हमे वह Share कब बेचना है.

कई बार निवेशक शेयर को डबल या ट्रिपल होने पर प्रॉफिट मे बेच देते है. लेकिन शेअर मार्केट मे पैसा बनाने के लिए आपको Multibagger स्टॉक सेलेक्ट करने होंगे. और एक स्टॉक Multibagger तभी बनता है जब आप उसे डबल या ट्रिपल होने पर नहीं बेचते है.

निवेशकों के लिए यह हमेशा confusion भरा रहा है की अगर हम शेयर बेच देनेके बाद उस Share की किमत बढ गई तो क्या, हमारे Share खरीदने के बाद उस शेअरकी किमत घट गई तो. यह सवाल निवेशकों मे हमेशा बना रहता है.

इस लेख मे शेयर कब खरीदना चाहिए और कब बेचना चाहिए? इस बारे मे पुरी जानकारी दी गई है. अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी सवाल है तो आप हमे कंमेंट मे पूछ सकते है.

आशा करते है हमारी आज की यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी. इस लेख से संबंधित आपको किसी भी तरह के सवाल है तो आप हमे comment मे पूछ सकते है.

धन्यवाद!

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