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शेयर बाजार मे नुकसान से बचने के टिप्स

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आपने हमेशा यह सुना होगा की Share Market जुआ है, रिस्की है, इसमे अक्सर अपने पैसों का नुकसान होता है.

शेयर मार्केट मे निवेश करनेवालों में हर 90% प्रतिशत व्यापारी अपना पैसा गवा देते है.

लेकिन ऐसा क्यु होता है?

शेअर बाजार मे निवेश करना और उससे मुनाफा कमाना उतना भी आसान काम नही है जितना की समजते है. अगर ऐसा होता तो आज हर कोई शेअर मार्केट से करोड़पति होता.

Rule No. 1: Never Lose Your Money

– warren Buffet, Investor

मैंने भी अपने शुरुआती निवेश के समय बहुत से पैसों को स्टॉक मार्केट में गवाँ चुका हु, बाद में इस नुकसान से बचने के लिए मैंने कई Share Market Books, लेख, वीडियो और अन्य शेअर बाजार के दिग्गजो के Interview देखने के बाद कुछ ऐसे तरीके जाने जिससे की आप शेयर बाजार मे नुकसान से बच सकते है.

इस लेख मे आपको share bajar me nukasan se bachne ke tips के बारे मे पुरी Detailed जानकारी दी गई है.


Table of Contents

शेयर बाजार मे नुकसान से बचने के टिप्स

शेअर मार्केट में नुकसान से बचने के लिए निम्नलिखित तरीके

  • शेअर बाजार को सीखे
  • बिजनेस का फंडामेंटल अनालिसिस करे
  • Long-term के लिए निवेश करे
  • विविध स्टॉक के पोर्टफोलियो बनाये
  • Stop Loss का उपयोग करे
  • शेअर टिप्स लेकर निवेश ना करे
  • निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले

Best Tips To Avoid Loss In Stock Market in Hindi


बाजार के बारे में जानें – ज्ञान ही शक्ति है

निवेशकों को share market मे लॉस होने का सबसे सामान्य कारणों मे से है की उन्हे share market के बारे मे ज्यादा जानकारी नही होती है.

नये निवेशकों कम जानकारी तथा बिना जानकारी के साथ share market मे निवेश करना शुरू कर देते है परिणाम स्वरूप उन्हे किये गए निवेश पर बहुत बड़ा लॉस उठाना पडता है.

जब तक निवेशक शेअर मार्केट क्या है, शेअर मार्केट कैसे काम करता है यह नही जानलेते तब तक शेअर मार्केट मे उन्हे loss होता रहेगा.

जब आप पुरी जानकारी के साथ शेअर मार्केट मे निवेश करते है तब आपके जरिए गलतिया करने की संभावना बहुत कम हो जाती है और इस वजह से शेअर मार्केट मे आपको बहुत कम नुकसान होता है.

Video By: Pranjal Kamra

कंपनी के बिज़नस की पूरी डिटेल्स एनालिसिस करें

शेअर मार्केट मे इंवेस्ट करना मतलब किसी कंपनी के शेअर को खरीदना इसका मतलब आपके पास उस कंपनी के जीतने शेअर होंगे उतने प्रमाण मे उस कंपनी के हिस्सेदार बनते है.

शेयर बाजार में, आप जिन कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, उनके बारे में जितना हो सके उतना सीखना महत्वपूर्ण है। आपको अपना पैसा लगाने से पहले हमेशा व्यवसाय और उसकी संभावनाओं का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना चाहिए।

जब भी आप किसी कंपनी के शेअर को खरीदने की सोचे तब आपको उस कंपनी के बारे मे अच्छे से डिटेल निकालने होंगे जैसे की कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है, कंपनी के पास कितने cash flow है, कंपनी किस तरह से पैसा कमाती है, कंपनी का profit कितना है, कंपनी का management कैसा है, कंपनी का फ्यूचर क्या होने वाला है आदि. इंफोर्मेशन आपको किसी कंपनी मे निवेश करने से पहले निकालनी चाहिए.

जब किसी कंपनी को आप डिटेल मे analysis करते हो तब आपका उस कंपनी के share को किस price मे खरीदना है, शेअर को कब बेचना है इसका अंदाजा हो जाता है जिससे की आपको उस शेयर से नुकसान होने के चांसेस बहुत कम हो जाते है.

किसी कंपनी में केवल इसलिए निवेश न करें क्योंकि आपको नाम पसंद है या लगता है कि भविष्य मे उसकी कीमत में वृद्धि होने वाली है। उन कंपनियों में निवेश करें जिनके पास अच्छा प्रदर्शन करने का ठोस कारण है, और जिनका सफलता का इतिहास है। उन कंपनियों की तलाश करें जिनके पास बाकी कंपनी के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जिनके उद्योग बढ़ रहे हैं।


बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के पैसे निवेश ना करे

जिन निवेशकों ने अभी निवेश करना शुरू किया उन हर निवेशक को निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए. एक एक्सपर्ट किन शेअर को कब खरीदना है और कब बेचना है, किस किमत पर शेअर का व्यापार करना है इसकी जानकारी आपको देते है.

वित्तीय सलाहकार होने का दावा करने वाले बेईमान व्यक्ति द्वारा घोटाले की योजना में फंसना आसान है. एक अच्छा वित्तीय सलाहकार खोजने के लिए अच्छी जांच पड़ताल कर ले.


शेयर बाजार मे रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखे

शेयर बाजार सबसे जोखिम भरे वित्तीय बाजारों में से एक है। आप शेयर बाजार में बहुत तेजी से पैसा कमा सकते हैं लेकिन आप बहुत तेजी से पैसा खो भी सकते हैं।

हालांकि नुकसान की संभावना लाभ की संभावना से कम है. इसलिए निवेशक के लिए शेयर बाजार में जोखिम प्रबंधन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

रिस्क मैनेजमेंट का अर्थ होता है की आप ज्यादा से ज्यादा कितना नुकसान उठा सकते है. शेयर बाजार में जोखिम प्रबंधन का ख्याल रखने के कई तरीके है. सबसे पहले आपको सही स्टॉक, सही समय और सही एंट्री पॉइंट चुनना होगा.

दूसरा हमेशा अलग-अलग sector की कंपनी मे निवेश करके अपने portfolio को डायवर्सिफाई करना चाहिए यह भी एक शेयर बाजार मे रिस्क मैनेजमेंट कहलाता है.


मार्केट की गिरावट से घबरा जाना

चढ-उतार बाजार का नियम है. जब मार्केट मे तेजी रहती है तब लोग बाजार मे पैसे निवेश करना पसंद करते है. लेकिन यह करना उतना सही निर्णय नही है जितना की मार्केट के गिरावट के समय पैसे लगाना.

शेअर मार्केट लोगों के sentiment पर चलता है. निवेशक दुसरे की देखा देखी मे शेअर की खरेदी-बिक्री करते है. शेअर मार्केट मे गिरावट आई है उसके बाद हमेशा मार्केट मे उछाल आता है.

Share Market मे निवेश करने का सबसे अच्छा समय उसके गिरावट मे ही होता है क्योंकि शेयर बाजार में गिरावट के समय अच्छे शेयरों को कम दाम में खरीदा जा सकता हैं और जैसे ही बाजार में उछाल आता हैं तो मुनाफे के साथ शेयरों की बिकवाली की जा सकती हैं।

मार्केट की गिरावट से घबराकर शेअर बेच देना हमेशा गलत निर्णय होता है.

यह भी पढे: शेयर बेचने का सही समय क्या होता है (इन 5 पॉइंट मे जाने)


किसी के कहने पर कभी निवेश न करे

शेअर मार्केट मे सबसे आम गलती जो ज्यादातर निवेशक करते है और वह की दुसरों के कहने पर निवेश करना. किसी की सिफारिश पर निवेश करना हमेशा एक जोखिम भरा व्यवसाय होता है.

पहले आप शेअर मार्केट को सीखे और जिस शेअर मे हमे निवेश करना है उस शेअर एवं कंपनी के बारे मे हमे अच्छे से research कर लेनी चाहिए.


स्टॉप लॉस का जरुर उपयोग करें

स्टॉप लॉस का मतलब है होने वाले नुकसान को सीमित करना. जब एक निवेशक stock खरीदता है उसे शेअर के लिए stop loss लगाना चाहिए.

शेयर बाजार में नुकसान से बचने का यह एक तरीका है जिसमे शेअर एक निश्चित किमत पर पहुँचने के बाद stock broker उसे बेच देते है.

Stop loss का उपयोग महत्वपूर्ण है जब स्टॉक की कीमतें गिर रही होती हैं। यदि शेअर की कीमतें मे गिरावट आती हैं तो शेअर को स्टॉप-लॉस पॉइंट पर बेचकर आप रिटर्न के क्षरण को रोक सकते हैं.

जब स्टॉक की किमत कम होने लगती है और निवेशक जानते है कि उस stock से कितना नुकसान हम झेल सकते है तो इस loss margin पर पहुँचने के बाद वे stock को बेच देते है. मतलब निवेशक ने होनेवाले नुकसान को सीमित कर लिया.

उदाहरण के लिए आपने किसी कंपनी के शेअर को ₹500 मे खरीदा. अब उस शेअर की कीमतों मे गिरावट होना शुरू होती है और आपने ₹400 का stop loss लगाया है. जब शेअर की किमत ₹400 पर पहुँच जाती है तब ब्रोकर के जरिये stock को बेचा जायेगा.

इसके विपरीत, यदि शेयर की कीमत बढ़ने लगती है, तो आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि स्टॉप-लॉस आपके नुकसान को ही सीमित करता है, आपके मुनाफे को नहीं

शेअर की कीमतें गिरने पर स्टॉप-लॉस रणनीति का उपयोग करें। उस न्यूनतम मूल्य का अनुमान लगाएं जिस पर आप स्टॉक बेच सकते हैं और फिर भी लाभ कमा सकते हैं। इस मूल्य को स्टॉप-लॉस मूल्य के रूप में सेट करें ताकि कीमत में और गिरावट आने पर आप नुकसान से बच सकें.


बिज़नस की ग्रोथ को देखकर निवेश करे

जब भी आप share market मे निवेश करने की सोचे तब आपको शॉर्ट टर्म से ज्यादा आपको लोंग टर्म मे फोकस करना चाहिए.

कई बार कंपनी के share की किमत सट्टेबाजो द्वारा बढाई जा सकती है. इसलिए निवेशकों को बिना business growth पर विचार किये बिना इंवेस्टमेंट करना नुकसानदायक हो सकता है.

इसलिए, निवेशक को कंपनी के व्यवसाय के विकास की उचित समझ होनी चाहिए। यदि किसी कंपनी के व्यवसाय में उचित वृद्धि नहीं होती है, तो बेहतर है कि उसमें निवेश न करें.

कंपनी मे निवेश करने से पहले उस कंपनी के long term growth के बारे मे सोचना चाहिए, जैसे यदि कोई कंपनी product बना रही है तो क्या उस product की future मे उतनी ही डिमांड होगी जितनी अभी है.

उदाहरण के लिए आज बहुत से लोग smart Phone यूज करते है. क्या वे लोग future मे भी smart Phone यूज करेंगे? अगर आपका जवाब है हा तो ऐसे कंपनी मे आपको इंवेस्ट करना चाहिए जिस कंपनी के product को future मे इस्टेमाल करते रहे.

जब भी कंपनी ग्रोथ करते है तो उसके साथ हमेशा शेयर की value भी बढता है शेयर की value बढ़ाने से आपके निवेश भी बढता है future मे बढने वाले कंपनी मे निवेश करने से आपको हमेशा profit होगा.

भविष्य मे बढ़ने वाले कंपनी मे निवेश करने के लिए उस कंपनी की cash flows, उस कंपनी पर dabt कितना है, कंपनी का management कैसा है, वह कंपनी कौन से product बनाती है आदि. कंपनी की फंडामेंटल रिसर्च करणी चाहिए.


कम वॉल्यूम स्टॉक से दूर रहे

जब किसी स्टॉक का वॉल्यूम कम होता है, तो इसका मतलब है कि शेयर में ज्यादा गतिविधि नहीं है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक ऐसे स्टॉक मे निवेश कर रहे है जिसमें केवल 1000 शेयरों की मात्रा है, और आप 500 शेयर खरीदते हैं, तो अब आप उस स्टॉक में आधे व्यापारिक गतिविधि के लिए जिम्मेदार हैं.

ज्यादातर पेशेवर निवेशक ऐसे शेयरों से दूर रहते है. इसका कारण यह है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि उस स्टॉक का वॉल्यूम बढ़ेगा, और स्टॉक का मूल्य में नीचे नहीं जाएगा. जबकि कुछ मामलों में आप कम वॉल्यूम वाले स्टॉक पर भी पैसा कमा सकते हैं.


अपने निवेश को नियमित रूप से ट्रैक करें

स्टॉक मार्केट वास्तव में बहुत ही अस्थिर हैं, कुछ दिन होते हैं जब बाजार ऊपर जाता है और कुछ दिन ऐसे होते जब यह गिरता है. इससे चिंतित होना स्वाभाविक है. लेकिन अधिकतम रिटर्न प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने निवेश पर नज़र रखें. अपने निवेश को नियमित रूप से ट्रैक करना बहुत महत्वपूर्ण है.

हमेशा मार्केट के बदलते स्वभाव को और sentiments से खुद को updated रखे. निवेश पर अधिकतम लाभ कमाने के लिए शेअर की कीमते जब कम हो तब निवेश करे और जब शेअर की कीमते बढी हुए हो तब शेअर को बेचे.

अपने portfolio को balance करने के लिए तथा loss को recover करने के लिए अपने निवेश को नियमित रूप से ट्रैक करना चाहिए.


बाजारों के बारे में कभी अनुमान न लगाएं

आप शेयर बाजार में नुकसान से बचना चाहते हैं तो एक चीज है जो आपको कभी नहीं करनी चाहिए, तो वह है बाजारों के बारे में अनुमान लगाना.

Indian Stock Exchange मे 5000 से भी ज्यादा कंपन्या लिस्टेड है. जब कोई नया इंवेस्टर share market मे इंवेस्ट करता है तब वह शुरू मे किसी भी random कंपनी मे अपने पैसे इंवेस्ट करते है.

वह share market को एक तुक्के का खेल समझते है. वे यह सोचकर शेअर मार्केट मे इंवेस्ट करते है की Bychance कोई कंपनी चल गई तो, Bychance किसी कंपनी ने लोंग टर्म मे अच्छा return दे दिया तो.

आपको बाजार के बारे में जितना चाहें उतना ज्यादा ज्ञान प्राप्त करना होगा. जिस कंपनी के share आप खरीदना चाहते है उस कंपनी के बारे मे जानकारी हासिल करनी होगी, आपको मार्केट की स्थिति जाननी होगी, उसने आज तक इंवेस्टर को कीतना return दिया है आदि की जानकारियां एक निवेशक को होनी चाहिए.

किसी भी कम किमत वाले penny stock को खरीदना और यह अनुमान लगाने की कोशिश करना की भविष्य मे इस स्टॉक की किमत बढेगी, यह तरीका शेअर बाजार मे बहुत गलत होता है और इसका नतीजा आपको शेयर निवेश में घाटा होगा.

इसलिए कभी बाजार के बारे में कभी अनुमान न लगाएं पहले सीखे, समजे फिर निवेश करे.


लम्बे समय के लिए ही निवेश करे

शेयर बाजार में निवेश करना पैसा बनाने का एक शानदार तरीका है, लेकिन पैसा खोने का भी यह एक शानदार तरीका है। शेयर बाजार एक अस्थिर जगह है और यदि आप इसमें अल्पावधि (short term) के लिए अपने पैसे को निवेश करते है तो आप आसानी से अपना पैसा गवां सकते हैं।

कई बार नये निवेशक पैसे खो जाने के डर से शेयर बजार मे बहुत कम समय के लिए अपने पैसे को निवेश करते है.

कुछ नये निवेशक सुबह के वक़्त शेअर खरीदते है और शाम तक उसमे थोड़ा प्रॉफिट हो जाने के बाद उसे बेच देते है जो की यह बहुत गलत है. अगर आपको बाजार से ज्यादा प्रॉफिट चाहिए तो आपको ज्यादा लम्बे समय तक बाजार मे निवेशित रहना पडेगा.

हालांकि आप बाजार से कम समय मे भी थोड़ा-बहुत मुनाफा कमा सकते है लेकिन अगर उस समय मे बाजार की स्थिति down रही तो आपके किये गए निवेश पर नुकसान होगा.

Stock market growth
stock market growth last 25 years

दिये गए Image मे आप देख सकते है की Long Term मे मार्केट हमेशा उपर जाता है मतलब short term मे आपका कितना भी loss क्यों न हुआ ही लेकिन Long term मे आपको हमेशा प्रॉफिट होगा. अगर आप लंबी अवधि के लिए शेअर बाजार मे निवेश नहीं कर सकते तो बिल्कुल भी निवेश न करें।


पैनी स्टॉक से दूर रहे

Share market मे अगर आपको नुकसान से बचना है तो आपको कभी भी penny stock मे इंवेस्ट नही करना चाहिए

जिन stock की किमत ₹50-₹100 या इससे भी कम होती है उन्हें penny stock कहते है. आम तौर पर इन्हे उच्च जोखिम वाला निवेश माना जाता है और बहुत सी निवेशक penny stocks को खरीदना पसंद करते है. उन्हे लगता है की बाद मे इस स्टॉक की किमत बढेगी. इस कारण की वजह से बहुत से निवेशक अपने पैसे share market मे loss कर देते है.

पेनी स्टॉक जारी करने वाली कई कंपनियां बहुत छोटी होती हैं और इन कंपनियों पर विश्वास करना कठिन हो सकता है. नियमित शेयरों की तुलना में पेनी स्टॉक अक्सर अधिक अस्थिर होते हैं। स्टॉक की कीमत तेजी से ऊपर या नीचे जा सकती है, या यह शून्य तक गिर सकती है।

यदि किसी कंपनी के share की किमत बहुत ही कम है तो इसकी कोई वजह है जिससे उस कंपनी के शेअर की kimat कम है. जिस कंपनी मे इंवेस्ट करना चाहते है पहले आप उस कंपनी के growth के बारे मे सोचे.


थोड़ा थोड़ा मात्रा में इन्वेस्टमेंट सुरु करे

यदि आप स्टॉक मार्केट मे नये है, आपने अभी-अभी शेअरोंमे इंवेस्ट करना शुरू किया होतो तो, यह सलाह जरूर मान लेनी चाहिए की आपको अपनी पुरी की पुरी इन्वेस्टमेंट लेकर स्टॉक मार्केट मे नही उतरना चाहिए.

जब आप पहली बार शेअर मार्केट मे पैसे लगा रहे होते है तब आपको शेअर मार्केट को सीखना चाहिए, आपको पता होना चाहिए की शेअर मार्केट कैसे काम करता है?

स्टॉक मार्केट को सीखने के लिए आपको बहुत थोड़े रकम के साथ मार्केट मे उतरना चाहिए. एक बार आप मार्केट को पुरी तरह से समज लेते हो तब आपको बडी इंवेस्मेंट के साथ शेअर मार्केट को शुरू कर सकते हो.

जब कभी भी आप थोड़े से रकम के साथ शेअर बाजार को शुरू करते है और किसी कारणवश आपकी इंवेस्टमेंट डूब भी जाती है तो इस गलती से सीखकर आप और बेहतर निवेशक बन सकते है.


शेअर बाजार के गिरावट का फ़ायदा उठाके निवेश करे

Share market मे निवेश करने का सबसे अच्छा समय होता है मार्केट क्रैश का समय. जब शेयरो की कीमतों में गिरावट आई है होती है. जब सब लोग अपने शेअर बेच रहे होते है.

शेअर बाजार के गिरावट के समय ज्यादातर स्टॉक आपको कम किमत पर मिल रहे होते है. हर गिरावट के बाद stock market मे हमेशा फिर से उछाल आता है. तब आपका निवेश बढ़ जाता है.


न्यूज़ या किसी दुसरे बड़े निवेशकों को देखकर बिल्कुल भी इन्वेस्टमेंट ना करे

न्यूज़ या किसी दुसरे बड़े निवेशकों को देखकर बिल्कुल भी इन्वेस्टमेंट ना करने की बात इसलिए कह गई है की अन्य निवेशक (बडे/छोटे) इनकी Risk लेने की कपसिटी और निवेश करने की तकनिक अलग होती है.

बडे इंवेस्टर के जरिये किए गए निवेश के Parameter अलग होते है, किस Reason से बडे इंवेस्टर किसी कंपनी मे पैसे लगा रहे है यह Reason उनको ही पता होता है अगर जिस कारण की वजह से बडे निवेशकों ने कंपनी के स्टॉक को खरीदा और वह कारण पुरे होते हुए नजर नही आ रहे तो वे उस स्टॉक को बेच देते है जिससे की उस कंपनी के शेअर की किमत मे भारी गिरावट देखने को मिल सकती है.

और News मे बताये जानेवाले स्टॉक को इसलिए नही खरीदना चाहिए क्योंकि News मे बताये जानेवाले स्टॉक मे अगर सभी लोग पैसे निवेश निवेश करते है तो उस कंपनी के शेअर की किमत बढ गई होती है और जब आप उस स्टॉक को खरीदते है तब आपको वह ज्यादा किमत मे मिल रहा होता है.


भीड़ को फॉलो न करे

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए निवेशक को कभी भी भीड़ का अनुसरण नही करना है. शेयर बाजार में किसी भी शेअर को खरीदने के लिए आपको बुनियादी बातों के आधार पर फैसले लेने चाहिए. दूसरों के सुझावों के आधार पर या केवल चार्ट देखकर निर्णय न लें.

जिस शेअर मे आपको इंवेस्ट करना है उस शेअर को खरीदने से पहले मौलिक विश्लेषण (Fundamental Analysis) करना सफलता की कुंजी है. फंडामेंटल अनालिसिस के जरिये हम मूल रूप से उन कारकों का विश्लेषण कर सकते है जो स्टॉक की कीमत को प्रभावित करते हैं और फिर उसके आधार पर निर्णय ले सकते हैं.

उदाहरण के लिए, यदि कंपनी अपनी बिक्री और मुनाफे को बढ़ाने के लिए बहुत अच्छी स्थिति में है, तो उस स्टॉक को आपको खरीदना चाहिए. लेकिन अगर कंपनी अपनी बिक्री बढ़ा पा रही है तो आपको स्टॉक से दूर रहना चाहिए. साथ ही, आपको कंपनी की कमाई और मुनाफे पर विचार करना चाहिए, जो लंबे समय में स्टॉक की कीमत को प्रभावित कर सकता है.


वही पैसा लगाएं जिसका लंबे समय तक आपको काम न हो

जो लोग शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं वे भारी मात्रा में लाभ प्राप्त करना चाहते हैं. इसलिए कभी-कभी वे अपने जरूरत के पैसे को भी share marke मे निवेश करते है.

जब निवेशकों को उन पैसों की जरूरत होती है तो शेअर मार्केट की स्थिति कैसे भी हो उन्हे उन stock को बेचकर पैसे निकालना होता है और अगर मार्केट मे गिरावट हो तो निवेशक को भारी नुकसान उठाना पड सकता है.

उदाहरण के लिए मानलो आपको किसी आपातकालीन परिस्थिति जैसे hospital के खर्चे के लिए पैसे की जरूरत पडी तो आपको शेअर बेचकर पैसे जुटाना होता है चाहे मार्केट की हालत कैसे भी हो.

इसलिए जब शेअर मार्केट मे निवेश करने की सोचे, तब उसी पैसे को इंवेस्ट करे जिसका लंबे समय तक आपको काम न हो.


लालच में आकर कभी खरीदारी ना करें

यह हर निवेशक की समस्या है, जब भी कोई शेअर Bull Run यानी जिस शेअर की किमत काफी तेजी से बढ रही होती है उन शेयरों को निवेशक लालच की वजह से खरीदना चाहते हैं और जिस शेअर की किमत घट रही होती है उसे बेच देते है.

शेअर मार्केट मे सबसे लोकप्रिय quote है,

Be Fearful When Others Are Greedy And Be Greedy When Others Are Greedy

यदि हम लालच मे आकर बिना किसी कारण के मूल्य में वृद्धि वाले शेयरों को खरीद लेते है और हम डर के मारे उन शेयरों को भी बेच देते हैं जो नीचे गिर गए है तो हमे हमेशा शेअर मार्केट मे loss होगा.

मार्केट मे निवेश करते वक़्त हमेशा अपने लालच और डर पर काबू रखना चाहिए.


निवेश पोर्टफोलियो बनाएं

आपने कभी ना कभी ऐसा सुना होगा की, “अपने सारे अंडे एक ही टोकरी मे ना रखे” और इस वाक्य को शेअर मार्केट से जोड़े तो आपको अपने सारे निवेश एक ही कंपनी या एक ही सेक्टर मे नही लगाना चाहिए.

शेअर बाजार काफी अस्थिर मार्केट है. मार्केट अगले ही पल कहा होगा यह किसी को नही पता. जब आप किसी एक ही कंपनी मे निवेश करते है तो उसमे आपके Profit एवं Loss होने के चांसेस बहुत ही ज्यादा होते है.

उदाहरण के लिए A और B नाम के दो कंपनी मे आपने ₹100-₹100 रुपये निवेश किये. ‘कंपनी A’ से आपको╶₹5 नुकसान होता है और आपका निवेश ₹95 हो जाता है. पर उस वक़्त ‘कंपनी B’ से +₹5 से प्रॉफिट होता है और ‘कंपनी B’ मे आपका निवेश अब ₹105 हो जाता है. आखिर मे आपके Profit और Loss एक समान हो जाता है.

अलग-अलग स्टॉक मे निवेश करके पोर्टफोलियो बनाना यह शेअर बाजार मे सफल निवेशक बनने का मूल मंत्र है.


FAQ: शेअर मार्केट मे नुकसान से कैसे बचे?

  1. शेयर मार्केट मे नुकसान क्यो होता है?

    शेयर मार्केट क्या है, कैसे काम करता है, कब और कैसे शेअर मे निवेश करना है यह सब जानकारी निवेशक को ना पता होने के कारण नुकसान होता है.

  2. शेयर मार्केट मे नुकसान को कैसे कवर करे?

    शेयर मार्केट मे नुकसान को कवर करने के लिए portfolio बनाये और निवेश को diversify करे.

  3. आपको शेयरों को नुकसान पर कब बेचना चाहिए?

    जब कंपनी मे मेजर प्रॉब्लम की वजह से जैसे मैनेजमेंट बदलना, कंपनी पर बहुत सारा कर्जा हो जाना, कंपनी bnkrupt हो जाने के या कंपनी मे कोई future growth ना दिखने पर शेअर को बेच देना चाहिए.


Conclusion

शेअर मार्केट से आप बहुत जल्दी पैसा बना सकते है और दुर्भाग्य से, बहुत सारा पैसा खो भी सकते है.

शेयर बाजार मे नुकसान से बचने के लिए ऐसे कई कारक हैं जिन्हें आपको ध्यान में रखना चाहिए. आपको शेअर बाजार कैसे काम करता है यह सीखना होगा. जब भी आप निवेश करे तब उस शेअर को अच्छे से research करना चाहिए, उस बिजनेस का फंडामेंटल अनालिसिस करे.

शेअर मार्केट से मुनाफा कमाने के लिए हमे ज्यादा समय तक मार्केट मे बने रहना पडता है इसलिए हमेशा Long-term के लिए निवेश करने की सोचे. एक तरीका जिससे अपने शेअर मार्केट मे निवेश पर नुकसान को कम किया जा सकता है और वह है अलग-अलग कंपनी मे निवेश करना और विविध स्टॉक के पोर्टफोलियो बनाना.

सबको पता है की share market काफी volatile है. इसमे हर वक़्त शेअर की कीमतों मे कम-ज्यादा बदलाव देखने को मिलते है इसलिए शेअर मे Stop Loss का उपयोग करे. जिससे की आप किसी शेअर पर कितने तक घाटा झेल सकते हो उस point पर stop loss लगाए और जब शेअर की किमत कम होने लगती है तो आपको ज्यादा नुकसान होने से बचाता है.

शेयर बाजार में सफल होने के लिए काफी शोध और समय लगाना पड़ता है. जब निवेश करने के लिए स्टॉक का चयन हो जाए तब निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले.

एक स्मार्ट निवेशक घाटे को कम करने और मुनाफे को अधिकतम करने की कोशिश करता है.

हमे आशा है की लेख बताये गए शेयर बाजार मे नुकसान से बचने के टिप्स आपको स्टॉक मार्केट मे निवेश करने के लिए काफी मददगार साबित होंगे. हमारी हमेशा से ही यह कोशिश है की एक सफल निवेशक बने.

अभीभी इस लेख से संबंधित आपका कोई सवाल या सुझाव है तो हमे कमेंट मे जरूर बताये. अन्य कीन tips को हमे इस लेख मे add करना चाहिए हमे जरूर बताये.

धन्यवाद!


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