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म्यूचुअल फंड मे निवेश कैसे करे

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जब तक हम पर किसी प्रकार की वित्तीय आपदा ना आजाये तब तक हमे निवेश का महत्व नही समझ आता.

हाल ही मे हुए कोरोना महामारी ने लोगों को पैसे और उससे जुडे महत्व को समझा गया है. लोग अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई निवेश के तरीके खोज रहे है, इनमे स्टॉक्स, बॉण्ड, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट आदि मे निवेश करना शामिल है.

म्युचुअल फंड में इंवेस्ट करना अपने पैसों को भविष्य के जरूरतों को सुरक्षित करने का आसान उपाय है. यह काफी लाभदायक प्रयास है, लेकिन म्युचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा भी हो सकता है.

पहली बार Mutual Fund मे निवेश करना निवेशकों के लिए जटिल लग सकता है लेकिन म्यूचुअल फंड में पैसे लगाते समय कौन से म्युचुअल फंड आपके लिए सही हैं, कितना पैसा आपको म्यूचुअल फंड मे लगाना चाहिए, इन कारकों पर एक बार नजर डालनी चाहिए.

अगर आप म्युचुअल फंड मे निवेश करना चाहते हो और एक निवेशक के तौर पे म्युचुअल फंड से संबंधीत निवेश जोखिम को कम करना है तो इस लेख मे म्युचुअल फंड मे निवेश करने के तरीके के बारे मे विस्तार से जानकारी दी गई है.


Table of Contents

म्यूचुअल फंड मे निवेश कैसे करे

  • KYC प्रक्रिया पुरी करे
  • निवेश प्रकार को निर्धारित करे (SIP या Lum sum)
  • अन्य म्यूचुअल फंड की तुलना करे
  • सही म्यूचुअल फंड में निवेश करे
  • पोर्टफोलियो को diversify करे

म्यूचुअल फंड हमेशा निवेशकों के लिए एक पसंदीदा इंवेस्टमेंट ऑप्शन रहा है. कई निवेशक अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को हासिल करने के लिए म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश करते हैं.

म्यूचुअल फंड या अन्य प्रतिभूतियों मे निवेश करते समय हमेशा लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए. अगर आप लंबे समय तक म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखते हैं, तो आपको कम्पाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है.

भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों में साल-दर-साल लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है, म्यूचुअल फंड को आज, एक सरल और आसान निवेश करने के तरीके के रूप में देखा जाता है जो निवेशकों के लिए धन बनाने में मदद कर सकता है.

आज के समय मे म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना बहुत ही आसान प्रक्रिया हो गई है कोई भी व्यक्ति बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ों के mutual fund मे निवेश कर सकता है. नये निवेशकों को म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए KYC प्रक्रिया को पुरा करना होता है. KYC प्रक्रिया और आपके Verification होने के बाद आप mutual fund मे निवेश कर सकते है.


म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले इन बातो का रखे ख्याल

इससे पहले कि आप म्यूचुअल फंड में निवेश करने का फैसला करें, नीचे दी गई बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. ऐसा करने से आपको निवेश करने के लिए सही प्रकार के फंड चुनने में मदद मिलेगी, और समय के साथ धन जमा करने मे भी मदद मिलेगी.

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले निम्नलिखित मुद्दो का आकलन जरूर करे.

  • KYC प्रक्रिया पूर्ण करे
  • निवेश लक्ष्य निर्धारित करे
  • निवेश के लिए अपने उद्देश्य की पहचान करे
  • म्यूचुअल फंड के जोखिम कारकों पर विचार करें
  • निवेश का पोर्टफोलियो बनाए
  • उपलब्ध योजनाओं के बारे में जाने
  • पिछले रिटर्न पर बहुत अधिक ध्यान न दे
  • lump-sum investments के बजाए SIP का इस्तेमाल करे
  • रिटर्न की गारंटी नहीं
  • एक सलाहकार से परामर्श करें

अपनी KYC पूरी कर ले

म्यूचुअल फंड मे इंवेस्ट करने से पहले निवेशकों को अपनी Know Your Customer (KYC) पुरी करनी होती है. इसमे इंवेस्टर को PAN Card कई कॉपी, निवास का प्रमाण, उम्र का प्रमाण, आदि Documents Submit करने होते है.

निवेश लक्ष्य निर्धारित करे

जब आप म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं, तब आपको अपने लक्ष्य को ध्यान मे रखते हुए निवेश करना चाहिए. निवेश लक्ष्य मे आपके financial goals, बजट आदि की सूची बनानी होगी. आपको फण्ड मे निवेश करने के कितने राशि की जरूरत होती है यह पता होने से आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अन्य खर्चो को कम कर सकते है.

निवेश के लिए अपने उद्देश्य की पहचान करे

म्यूचुअल फंड मे निवेश करने से पहले अपने उद्देश्य की पहचान करना जरूरी है. इसमे आपके घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा, शादी, Retirement, आदि शामिल हो सकते है.

जब आप म्यूचुअल फंड मे निवेश करते है तब आपको कितने समय मे कितना लाभ अर्जित करना है यह पता होना चाहिए. एक निवेश उद्देश्य की पहचान करने में जोखिम के स्तर, भुगतान विधि, लॉक-इन अवधि, आदि के आधार पर निवेश के विकल्प पर निवेशक को म्यूचुअल फंड को चुनने मे मदद करता है.

म्यूचुअल फंड के जोखिम कारकों पर विचार करे

याद रखे की हर एक निवेश के साथ जोखिम की संभावना जुडी होती है. म्यूचुअल फंड मे निवेश करने मे कुछ हद तक जोखिम होती है.

जिस स्कीम मे आपको ज्यादा return मिलने की संभावना होती है उसमे ज्यादा risk भी होता है. यदि आप ज्यादा रिस्क लेकर अधिक रिटर्न को प्राप्त करना चाहते है तो आपको इक्विटी योजनाओं में निवेश करना चाहिए.

इसके उलट यदि आप कम कम रिस्क लेकर माध्यम रिटर्न प्राप्त करने मे खुश है तो आपको Debt fund मे निवेश करना चाहिए.

उपलब्ध योजनाओं के बारे में जाने

म्यूचुअल फंड मार्केट मे इंवेस्ट करने के लिए आपके पास बहुत से option है जैसे कि equity funds, debt funds, hybrid funds. आपकी की जरूरत के हिसाब से लगभग हर योजनाएं उपलब्ध है.

म्यूचुअल फंड मे निवेश करने से पहले आपको मार्केट मे किस प्रकार के म्यूचुअल फंड उपलब्ध है, अपने जरूरत के हिसाब से कौनसे scheme मे पैसे लगाना चाहिए इसकी जानकारी पहले से ही प्राप्त कर ले.

इसके बाद, आपके निवेश उद्देश्य, आपकी रिस्क लेने की क्षमता इससे मैल होते हुए स्कीम मे निवेश कर सकते. यदि आप इस बारे में सुनिश्चित नहीं हैं कि किस योजना में निवेश करना है तो ऐसे मे एक वित्तीय सलाहकार की मदद ले सकते है.

आखिर में, यह आपका पैसा है। आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इसका उपयोग अधिक रिटर्न लाने के लिए किया जाना चाहिए. नये निवेशक के तौर पे म्यूचुअल फंड मे निवेश कर रहे है तो आपको debt funds या hybrid funds मे निवेश करना चाहिए जो आपके रिस्क को कम कर सके. एक ऐसा फंड चुनें जो आपके निवेश लक्ष्यों और जोखिम प्रोफ़ाइल से मेल खाता हो.

निवेश का पोर्टफोलियो बनाए

एक पोर्टफोलियो मे कई तरह के संपत्ति जैसे स्टॉक, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड और अन्य प्रकार के निवेश का एक संग्रह होता है. एक पोर्टफोलियो उन निवेशों से मिलकर बना होता है जिनमें जोखिम के विभिन्न स्तर होते हैं.

एक अच्छी तरह से विविध पोर्टफोलियो आपके पैसे को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों जैसे स्टॉक, बॉन्ड और नकद समकक्षों मे फैलाता है.

पोर्टफोलियो आपके निवेश पर रिस्क को कम करने का काम करता है. यह सुनिश्चित करता है कि यदि बाजार का एक क्षेत्र से आपका नुकसान हो रहा है, तो दूसरा क्षेत्र इसकी भरपाई करने में मदद करेगा.

पिछले रिटर्न पर बहुत अधिक ध्यान न दे

जब म्यूचुअल फंड में निवेश करने की बात आती है, तब आपको बहुत से कारणों को ध्यान मे रखते हुए निवेश करने का निर्णय लेना चाहिए. लेकिन इसका मतलब यह नही है कि आप अपने निवेश के फैसलों को म्यूचुअल फंड स्कीम के पिछले रिटर्न पर आधारित करे.

किसी स्कीम का पिछला रिटर्न या प्रदर्शन का आकलन करना उन कई मापदंडों में से एक होना चाहिए, जब आप म्यूचुअल फंड निवेश करते है.

जब आप किसी म्यूचुअल फंड स्कीम मे पिछले रिटर्न को देख निवेश कर रहे हो तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि long term मे return हमेशा बेहतर होता है.

इसलिए, जब कभी आप म्यूचुअल फंड मे पिछले एक वर्ष के return और प्रदर्शन को देख कर निवेश कर रहे है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप उससे पहले के तीन वर्षों के प्रदर्शन और उसके बाद के अगले तीन वर्षों के प्रदर्शन को भी देखें.

lump-sum इंवेस्टमेंट के बजाए SIP का इस्तेमाल करे

आप म्यूचुअल फंड मे Systematic Investment Plans (SIP) या Lump-sum के जरिये इंवेस्टमेंट कर सकते है. पर एक नये इंवेस्टर के तौर पे आपके लिए SIP सही पर्याय होगा. आप अपनी Investment और return को calculate करने के लिए sip calculator का इस्तेमाल कर सकते है.

Lump-sum मे अपना सारा निवेश एक बार मे ही निवेश करते है. Lump-sum के माध्यम से निवेश करने के लिए बाजार मे सही समय पर निवेश करने की आवश्यकता होती है. यदि आप बाजार के उच्च स्तर पर निवेश करते हैं, तो आपको पैसे खोने का जोखिम रहता है. आम तौर पर, lump-sum निवेश अनुभवी निवेशकों के लिए सही होते है.

परंतु SIP मे भले ही बाजार की स्थिति कैसे भी हो, कैसा भी प्रदर्शन करता हो. आपको एक निश्चित राशि (Monthly, Quarterly, Semi-annually आदि.) मे निवेश करना होता है. SIP मे आप मार्केट के अलग-अलग स्थर मे निवेश करते है. नतीजतन, SIP के माध्यम से आप समय के साथ अधिक रिटर्न अर्जित कर सकते हैं।

यह भी पढे: जानिए क्या है SIP? क्यो और कैसे करे SIP मे निवेश? पुरी जानकारी

रिटर्न की गारंटी नहीं

म्यूचुअल फंड मे किसी भी तरह के गारंटी रिटर्न नही है की आपको हर महीने या सालाना इतना ही रिटर्न मिलेगा. बल्कि return यह मार्केट के performance पर निर्भर करता है.

यदि मार्केट नीचे रहा तो आपके निवेश पर भी कम रिटर्न मिलेगा यदि मार्केट उपर रहा तो आपके निवेश पर अच्छा खासा मोटा रिटर्न मिलेगा. यही कारण है कि आपको अपने फंड को ध्यान से चुनना चाहिए.

एक सलाहकार से परामर्श करें

बाजार मे कई अलग-अलग तरह के म्यूचुअल फंड उपलब्ध है. इन तमाम तरह के विकल्पों में से सही फंड का चुनाव कर पाना नए निवेशकों को confuse कर सकता है.

यदि आप इस बारे में अनिश्चित हैं कि कैसे और कहाँ निवेश करना है, तो एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें. एक वित्तीय सलाहकार आपके लक्ष्यों और वित्त के आधार पर सही निर्णय लेने में आपकी सहायता कर सकता है.


म्यूचुअल फंड क्या है

म्युचुअल फंड एक प्रकार की निवेश कंपनी है जो स्टॉक, बॉन्ड, रियल एस्टेट और अन्य प्रतिभूतियों को खरीदने के लिए निवेशकों से धन एकत्र करती है.

म्युचुअल फंड पेशेवर रूप से एक पोर्टफोलियो प्रबंधक (Fund manager) द्वारा प्रबंधित किए जाते है जो कई निवेशकों से प्रतिभूतियों की खरीद के लिए धन एकत्र करता है. एक म्यूचुअल फंड कंपनी के जरिये स्टॉक, बॉन्ड, मनी मार्केट और स्पेशलिटी फंड सहित अन्य प्रतिभूतियों मे निवेश किया जा सकता है.

यह भी पढे: म्यूचुअल फंड क्या है, इसके फायदे और नुकसान, Mutual Fund Detail Information In Hindi


म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है

म्यूचुअल फंड एक फंड मैनेजर के जरिये प्रबंधित किया जाता है जो कई निवेशकों से प्रतिभूतियों जैसे स्टॉक, बॉण्ड आदि की खरीद के लिए धन जमा करता है.

फंड मैनेजर फंड की पूंजी का प्रतिभूतियों मे निवेश करते हैं और फंड के निवेशकों के लिए पूंजीगत लाभ और आय का उत्पादन करने का प्रयास करते हैं।

म्यूचुअल फंड में सिक्योरिटीज एक कस्टोडियन बैंक के पास होती है, जो फंड के लिए वास्तविक सिक्योरिटीज रखता है। कस्टोडियन बैंक फंड की सभी खरीद और प्रतिभूतियों की बिक्री को फंड कंपनी को स्थानांतरित करने के लिए जिम्मेदार होती है.


म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय ये गलती न करें

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आम गलती जो निवेशक करते है वह यह है की निवेशक profit कमा कर देने वाली म्यूचुअल फंड को बेच देते है और profit book कर लेते है.

लेकिन जो म्यूचुअल फंड कुछ भी लाभ नही कमा कर दे रहे है उन्हे वे नही बेचते और इस उम्मीद में बने रहते हैं कि आगे उसमें तेजी आएगी. जबकि, निवेशकों को ऐसा नहीं करना चाहिए. निवेशकों को ऐसी स्कीम से दूरी बनाए रखना चाहिए जिसकी परफॉर्मेंस लगातार खराब या अच्छी नहीं है.


म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सामान्य गलतियाे से बचने के लिए

  • म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय बजट बनाये
    बिना के निवेश करना
  • वित्तीय लक्ष्यों निर्धारित किये बिना mutual fund मे निवेश ना करे
  • जब मार्केट उपर पहुँच गया हो, Bear market मे निवेश ना करे
  • अपने रिस्क प्रोफाइल अनुसार ही निवेश करे
  • निवेश को डाइवर्सिफाई करे और एक ही फंड मे अपने पुरे पैसे न लगाए
  • Mutual Fund मे निवेश करने के लिए हमेशा long term के लिए निवेश करे छोटी अवधि के दृष्टिकोण से निवेश न करे

नए निवेशक ध्यान मे रखे यह बात

नये निवेशक जब भी म्यूचुअल फंड निवेश करे तब हमेशा अपने risk को ध्यान मे रखते हुए निवेश करना चाहिए. किसी निवेश पर वे कितना नुकसान संभाल सकते है यह उन्हे पता होना चाहिए.

मार्केट की स्थिति कभी एक जैसे नही होती इसलिए कभी इसमे तेजी होती है तो कभी मार्केट नीचे होता है. इस मार्केट से volatility से बचने के लिए निवेशक SIP का सहारा ले.

SIP(Systematic investment plan) या STP (Systematic transfer plan) के जरिए ही बाजार में थोड़ा थोड़ा पैसा लगाएं. नए निवेशक कभी Lump-sum के जरिये एकमुश्त पैसा लगाकर फंसने की जरूरत नहीं है. बाजार में जब स्थिरता आए तभी Lump-sum के जरिये एकमुश्त निवेश करने की सोचें.


म्यूचुअल फंड मे निवेश क्यों करना चाहिए

म्यूचुअल फंड प्रोफेशनल लोगों द्वारा मैनेज किया जाता है जो long term मे compounding की मदद से आपके wealth को बढ़ाने सहायता करता है.

म्यूचुअल फंड के जरिये अलग-अलग तरह के निवेश पर्याय जैसे Equity, Debt, Money Market आदि मे निवेश कर सकते है.

ऐसे कई अधिक कारण है जिससे कि आपको म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए और हमने नीचे आपके लिए दर्शाय है:

  • सुविधाजनक
  • कम सुरुवाती निवेश
  • टैक्स की बचत
  • Professional fund management
  • अधिक रिटर्न
  • डाइवेर्सिफिकेशन
  • अनुशासित निवेश
  • Range of solutions
  • इंवेस्मेंट के माध्यम

सुविधाजनक: म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक सीधा और परेशानी मुक्त है. यह पूरी तरीके से पेपरलेस प्रक्रिया है जिसे आप अपने घर बैठे आराम से पूरा कर सकते है. बस कुछ बटन क्लिक करके, आप अपनी पसंद की म्यूचुअल फंड योजना में निवेश करना शुरू कर सकते है.

यहां तक कि KYC प्रक्रिया अब ऑनलाइन की जा सकती है और निवेशक ई-केवाईसी का उपयोग करके 50,000 रुपये तक निवेश कर सकते हैं. हालांकि, 50,000 रुपये से ऊपर के निवेश के लिए, निवेशकों को भौतिक केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने की आवश्यकता होती है.

कम सुरुवाती निवेश: बहुत से लोगो को ऐसा लगता है की म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए बहुत ही ज्यादा पैसों की जरूरत होती है लेकिन ऐसा बिल्कुल नही है. आप म्यूचुअल फंड मे कम से कम ₹5,000 रुपये Lump-sum से शुरू कर शकते है. या फिर SIP (Systematic Investment Plan) के ₹500 हर महीने से निवेश शुरू कर सकते है.

आप म्यूचुअल फंड मे किस तरीके से निवेश करना चाहते हो Lump-sum या SIP यह option भी आपके पास होता है. हालांकि, जब Lump-sum और SIP की तुलना करे तो Lump-sum के बदले SIP मे आपको कम निवेश राशि के साथ लम्बे समय मे कंपाउंडिंग का लाभ होता है.

इसके अलावा, वितरकों या एजेंटों को कोई अतिरिक्त कमीशन दिये बिना आप म्यूचुअल फंड Direct plan मे भी निवेश कर सकते हो. इसलिए, आपको निवेश शुरू करने के लिए एक बड़ी राशि जमा करने के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।

टैक्स की बचत: Income Tax Section 80C के तहत आप वित्तीय साधन जैसे एक्विटी, बॉण्ड और म्यूचुअल फंड  पर अधिक से अधिक Rs 1.5 lakh तक टैक्स बचत कर सकते है.

पिछले कुछ सालों मे भारतियों मे अधिक रिटर्न और तीन साल की सबसे छोटी लॉक-इन अवधि के कारण टैक्स बचत पर्याय मे Equity Linked Savings Scheme (ELSS) काफी लोक-प्रिय है.

☞ Professional fund management: म्यूचुअल फंड को पेशेवर फंड मैनेजरों द्वारा मैनेज किया जाता है. जो बाजारों पर रिसर्च करते है और निवेश के लिए सही शेयरो की पहचान करते हैं, और उन्हें उचित समय पर खरीदते और बेचते हैं ताकि आपके निवेश पर अनुकूल रिटर्न उत्पन्न हो सके.

फंड मैनेजर रिटर्न को अधिकतम करने के लिए आपके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में आवश्यक बदलाव करते है.

☞ अधिक रिटर्न: अगर हम Fixed Deposits (FDs), Recurring Deposits (RDs) आदि के तुलना मे mutual funds अच्छे रिटर्न देता है.

Equity Mutual Funds मे निवेशक ज्यादा रिटर्न प्राप्त कर सकते है लेकिन इसमे Risk भी ज्यादा होती है इसलिए जो निवेशक ज्यादा रिस्क ले सकते उन्ही ने Equity Mutual Funds मे निवेश करना चाहिए.

दुसरी तरफ Debt funds इन रिस्क कम होने की वजह से रिटर्न भी कम हो जाते है.

☞ डाइवेर्सिफिकेशन: शायद सबसे बड़ा लाभ जो म्युचुअल फंड प्रदान करता है वह है डाइवेर्सिफिकेशन. Mutual fund अलग-अलग Asset जैसे स्टॉक्स, बॉण्ड आदि मे निवेश करके पोर्टफोलियो को diversified करके रिस्क को कम करता है.

अगर एक Asset अच्छा perform नहीं कर रहा तो दुसरे Asset के performance से बैलेंस कर लिया जाता है. और इस तरह से आप अपने invest पर अच्छे return प्राप्त करते है.

अपने निवेश के रिस्क को कम करके ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने के लिए आपको mutual fund मे निवेश करके portfolio को diversify करना पड़ेगा. आपको नही पता की अपने पोर्टफोलियो को कैसे diversify करते है तो इसमे आपको एक financial advisor से advise लेनी चाहिए.

☞ अनुशासित निवेश: Mutual fund द्वारा प्रदान किये जाने वाले सेवा Systematic Investment Plan (SIP) के जरिए आप रेगुलर इंवेस्टिंग की आदत विकसित कर सकते है. SIP के जरिये आप monthly, quarterly, annualy कुछ fix amount मे आप रेगुलर इंवेस्ट कर सकते है.

SIP मे auto-debit फैसिलिटी के जरिए हर महीने आपके बैंक मे से कुछ अमाउंट डेबिट कर लिया जाता है. SIP मे नियमित रूप से हर बार मैन्युअल अथवा ऑटो मैटिक रूप से निवेश करने का एक शानदार तरीका है.

☞ Range of solutions: म्युचुअल फंड मे आप अपने risk लेने की क्षमता तथा इंवेस्मेंट की आवश्यकता के अनुसार विविध क्षेत्रों मे निवेश कर सकते हो. आप Long Term Investment के लिए जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी आदि को पूरा करने के लिए इक्विटी फंड में निवेश कर सकते है.

जबकि अपने निवेश पर रेगुलर इनकम पाने के लिए या फिर shorter investment के लिए Debt Funds मे निवेश कर सकते है. अलग-अलग जोखिम लेने की क्षमता वाले निवेशकों के लिए हाइब्रिड म्युचुअल फंड इक्विटी और डेट दोनों को मिलाते हैं

☞ इंवेस्मेंट के माध्यम: आप अपनी financial situation और जरूरतों के आधार पर lump sum या Systematic Investment Plans (SIPs) के माध्यम से निवेश कर सकते है.

अब जब आप म्युचुअल फंड में निवेश के लाभों के बारे में जानते हैं और उनमें निवेश कैसे करें, तो निवेश करना शुरू करें और अपने धन को बढ़ता हुआ देखें.

FAQ: How To Invest In Mutual Fund In Hindi?

  1. क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है?

    नही, म्यूचुअल फंड मे आप Online Portals या Apps, सीधे AMCs के जरिये, अथवा registered agents के जरिये निवेश कर सकते है.

  2. 1 साल मे म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है?

    प‍िछले कुछ वर्षों मे म्यूचुअल फंड के रिटर्न की गणना करे तो सालाना (Yearly Return) 12% से 20% की अपेक्षा कर सकते हो.

  3. म्यूचुअल फंड में पैसा कब लगाना चाहिए?

    सभी जानकारों की मान्यता अनुसार म्यूचुअल फंड्स में जितनी जल्दी हो निवेश की शुरुआत कर देनी चाहिए. दरअसल युवावस्था में खर्च सीमित किए जा सकते हैं. हालांकि जिम्मेदारी बढ़ने के साथ निवेश करना संभव नहीं होता.

  4. म्यूचुअल फंड में कितना पैसा लगा सकते हैं?

    म्यूचुअल फंड को आप बहुत ही कम पैसों से शुरू कर सकते हो. इसमें आप सिर्फ 500 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते है.

  5. म्यूचुअल फंड में पैसा कितने दिन में डबल होता है?

    कुछ म्‍यूचुअल फंड स्कीम मे आपका पैसा 4-5 साल में डबल हो सकता है लेकिन ऐसी योजनाएं भारी जोखिमों के साथ आती है.

  6. सबसे सुरक्षित निवेश कौन सा है?

    मनी मार्केट म्युचुअल फंड = सबसे कम रिटर्न, सबसे कम जोखिम. ब्याज 1% और 3% प्रति वर्ष के बीच.


Conclusion: Mutual Fund Me Nivesh Kaise Kare

अभी के समय म्यूचुअल फंड मे इंवेस्ट करना बहुत ही आसान हो गया है. म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों को अपना KYC पूरा करना होता जिसके लिए कुछ ही डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है.

अपना KYC पूरा होने के बाद, आप Apps, ब्रोकर, AMC के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते है.

हाल ही के वर्षो मे म्युचुअल फंड मे इन्वेस्टमेंट करना हर एक इन्वेस्टर के बीच काफ़ी लोकप्रिय हो गया है. जिसका कारण है इससे मिलने वाले फायदे.

म्यूचुअल फंड से कुछ सबसे महत्वपूर्ण फ़ायदे नीचे दिए है

  • कम राशि के साथ इंवेस्टमेंट शुरू कर पाना (₹500 या इससे भी कम)
  • अलग-अलग स्टॉक्स और डेट,गोल्ड जैसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स मे इन्वेस्टर्स अपने पैसे निवेश कर सकते है
  • SIP की मदद से हर महीने ऑटोमेटेड इन्वेस्मेंट्स शुरू कर सकते है
  • डीमैट अकाउंट खोले बिना भी इन्वेस्ट कर सकते है

इस लेख मे हमने म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करे, How to invest in mutual fund in hindi के बारे मे विस्तार से बात की.

हमारी हमेशा से यह कोशिश रही है की आपको फुल इंफोर्मेशन के साथ सटिक जानकारी पहुँचा सके. अगर इस लेख से संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप हमे कमेंट मे पूछ सकते है. हम आपके कमेंट का Reply जरूर देने का प्रयास करेंगे.

धन्यवाद!


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